तुम मेरी मोहब्बत हो | Heart Touching Shayari

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपके लिए तीन अलग अलग तरह की कविताएँ लेकर आये हैं जिनमें से पहली कविता अपनी मोहब्बत की तारीफ में कही गयी है और इसका नाम है तुम मेरी मोहब्बत हो, दूसरे नंबर की कविता मैं इसका लिखारी खुद को अपनी औकात दिखा रहा है अपने लफ़्ज़ों से के वो असल मे क्या है जिसका नाम है देख अपनी औकात साहिल

 

और तीसरे नंबर की कविता में लेखक अपनी मोहब्बत के लिए कुछ बातें लिख रहा है जिसका नाम है तेरी आवाज़ मुझे ढूंढ रही हो जैसे। हम उम्मीद करेंगे कि आपको यह तीनों कविताएँ जरूर पसंद आएंगी।

 

तुम मेरी मोहब्बत हो

 

ज़रा सा मान रख लेना के तुम

मेरी मोहब्बत हो

सितम तुम सोच कर करना के तुम

मेरी मोहब्बत हो

अगर जाने की जिद्द है तो चले जाओ

मगर सुन लो के जल्दी लौट के आना

के तुम मेरी मोहब्बत हो

जिगर के खून से लिख कर तुझे

पैगाम भेजा है

तुम एक एक लफ्ज़ को पढ़ना के

तुम मेरी मोहब्बत हो

मैं मिट जाऊं दुनियां से मुझे दिल

से मिटाना मत

सदा दिल में ही मुझे रखना

के तुम मेरी मोहब्बत हो

 

देख अपनी औकात साहिल

 

हिज़्र का तारा डूब चला है ढलने लगी है रात साहिल

क़तरे क़तरे बरस रही है आंखों की बरसात साहिल

तेरे बाद यह दुनिया वाले मुझको पागल कर देंगे

खुशबू के देश में मुझ को ले चल अपने साथ साहिल

यूँ ही चुप की मोहर लगा कर कब तक गुमसुम बैठोगे

खामोशी से दम घुटता है छेड़ो कोई बात साहिल

आज तो उसका चेहरा भी बदला बदला लगता है

मौसम बदला दुनिया बदली बदल गए हालात साहिल

मेरे घर खुशबू का यह रक़्स उसी के दम से है

उस के साथ चली जाएगी फूलों की बरसात साहिल

छोड़ अब उसकी यादें तुझको पागल कर देंगी

तू कतरा है वो दरिया है देख अपनी औकात साहिल 

 

तेरी आवाज़ मुझे ढूंढ रही हो जैसे

 

अब जज़्बात पे एक बर्फ जमी हो जैसे

फिर किसी ज़ख्म की इस दिल में कमी हो जैसे

यूँ सराबों पे हक़ीक़त का गुमान होता है

तेरी बाहों में कोई शाम ढली हो जैसे

कट सका ना मुझसे सदियों में सफर लम्हों का

एक नुक्ते पे ज़मीन घूम रही हो जैसे

देख दीवाना पन मुझे किस सिमट लिए जाता है

गोया जन्नत ना हो दिलबर की गली हो जैसे

शोर कैसा है खामोश हवाओं में साहिल

तेरी आवाज़ मुझे ढूंढ रही हो जैसे

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